अमेरिकी शोधकर्ता का गेहूँ को लाभकारी बनाने हेतु संकर एवं आनुवंशिक रूप से परिवर्तित (GMO) तकनीक पर विश्वास

पाठ्यक्रम: GS3/जैव प्रौद्योगिकी

संदर्भ

  • संकर गेहूँ अब अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध हो रहा है और आनुवंशिक रूप से परिवर्तित (GM) किस्में आने वाले कुछ वर्षों में अमेरिका में लॉन्च हो सकती हैं।

जीएम फसलें क्या हैं?

  • वे फसलें जिनके डीएनए को आनुवंशिक अभियांत्रिकी प्रक्रियाओं द्वारा परिवर्तित किया गया है, आनुवंशिक रूप से परिवर्तित फसलें (GM crops) कहलाती हैं।
  • इस परिवर्तन का उद्देश्य वांछित गुणों को शामिल करना होता है, जैसे:
    • कीट या खरपतवारनाशक प्रतिरोध।
    • पोषण सामग्री में सुधार।
    • उत्पादन में वृद्धि।
  • GM फसलें बनाने की प्रक्रिया में शामिल चरण:
    • वांछित गुणों की पहचान।
    • जीन का पृथक्करण।
    • फसल के जीनोम में प्रविष्टि।
    • गुण की अभिव्यक्ति।
  • प्रयुक्त तकनीकें: जीन गन, इलेक्ट्रोपोरेशन, माइक्रोइंजेक्शन, एग्रोबैक्टीरियम आदि।
  • संशोधन के प्रकार: ट्रांसजेनिक, सिस-जेनेटिक, सबजेनिक और बहु-गुण एकीकरण
  • प्रमुख गुण प्रकार: खरपतवारनाशक सहनशीलता (HT), कीट प्रतिरोध (IR), संयुक्त गुण (Stacked traits)

भारत में जीएम फसलों की स्थिति

  • बीटी कपास: 2002 में जीन अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति (GEAC) ने बीटी कपास के वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति दी।
    • बीटी कपास में बैसिलस थुरिंजिएन्सिस (Bt) नामक जीवाणु से दो बाहरी जीन होते हैं, जो गुलाबी सुंडी जैसे सामान्य कीट के विरुद्ध विषाक्त प्रोटीन उत्पन्न करते हैं।
    • अब तक भारत में यही एकमात्र GM फसल है जिसे अनुमति मिली है।
  • अन्य GM फसलें जैसे बीटी बैंगन और DMH-11 सरसों विभिन्न विकास चरणों में हैं।

भारत में नियामक ढाँचा

  • जीन अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति (GEAC): यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के अंतर्गत कार्यरत है और GM फसलों के वाणिज्यिक उपयोग से संबंधित प्रस्तावों का मूल्यांकन करती है।
  • भारत में GM फसलों को नियंत्रित करने वाले प्रमुख अधिनियम एवं नियम:
    • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 (EPA)
    • जैव विविधता अधिनियम, 2002
    • पादप संगरोध आदेश, 2003
    • विदेशी व्यापार नीति के अंतर्गत GM नीति
    • खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006
    • औषधि एवं प्रसाधन नियम (8वाँ संशोधन), 1988

चिंताएँ

  • ग्लाइफोसेट का उपयोग: क्षेत्रीय परीक्षणों में GM मक्का शामिल है जिसे ग्लाइफोसेट सहनशील बनाया गया है, जबकि यह खरपतवारनाशक पंजाब में प्रतिबंधित है।
  • जैव विविधता जोखिम: GM फसलें गैर-लक्षित जीवों को प्रभावित कर सकती हैं, एकल फसल प्रणाली (Monoculture) को बढ़ावा देती हैं और स्थानीय किस्मों में जीन प्रवाह कर जैव विविधता को खतरे में डाल सकती हैं।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताएँ: GM फसलों में प्रयुक्त एंटीबायोटिक प्रतिरोधक मार्कर वास्तविक एंटीबायोटिक की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं, जिससे एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी सुपरबग का खतरा बढ़ता है।
  • कानूनी असंगतियाँ: क्षेत्रीय परीक्षणों हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र(NOC) जारी करने में पारदर्शिता की कमी पर नागरिक समाज समूहों (जैसे GM-मुक्त भारत के लिए गठबंधन) ने प्रश्न उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक परामर्श, स्वतंत्र समीक्षा और संसदीय निगरानी का अभाव है।

आगे की राह

  • वैज्ञानिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करना: GM फसलों की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर स्वतंत्र, सहकर्मी-समीक्षित मूल्यांकन सुनिश्चित करना। परीक्षण डेटा को सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशित कर विश्वास और विश्वसनीयता बढ़ाना।
  • जन सहभागिता को बढ़ावा देना: किसानों, वैज्ञानिकों और नागरिक समाज के साथ खुले परामर्श आयोजित कर चिंताओं का समाधान करना।
  • स्थानीय किस्मों की रक्षा करना: बफर ज़ोन और नियंत्रण रणनीतियों के माध्यम से।
  • जैव सुरक्षा एवं नैतिकता समितियों को सशक्त बनाना: उन्हें अधिक स्वतंत्रता और जवाबदेही प्रदान करना।

स्रोत: TH

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS2/ राजव्यवस्था और शासन संदर्भ केंद्र सरकार ने लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया। विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA), 2010 FCRA का उद्देश्य विदेशी अंशदान की स्वीकृति और उपयोग को विनियमित करना है ताकि राष्ट्रीय हित के प्रतिकूल गतिविधियों को रोका जा सके। यह अधिनियम प्रथम बार 1976 में लागू...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था और शासन संदर्भ संसद ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक पर चर्चा प्रारंभ की। विधेयक की प्रमुख विशेषताएँ उद्देश्य: अर्धसैनिक अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और अन्य सेवा शर्तों को विनियमित करना। विधेयक पाँच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) — सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/ राजव्यवस्था और शासन संदर्भ वित्त विधेयक, 2026 लोकसभा द्वारा पारित किया गया, जो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रक्रिया को पूर्ण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्त विधेयक क्या है? वित्त विधेयक एक धन विधेयक है जो केंद्र सरकार के कराधान और वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाता है।...
Read More

LPG की कमी से बायोगैस का पुनरुत्थान पाठ्यक्रम: GS3/ऊर्जा संदर्भ हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित रहने के कारण भारत के कुछ हिस्से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति में कमी के बीच वैकल्पिक ईंधनों की ओर प्रवृत्त हो रहे हैं। परिचय केरल, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य घरेलू एवं वाणिज्यिक रसोईघरों में ईंधन संकट के...
Read More
scroll to top